➤ पंचायत चुनाव में 742 नामांकन पत्र खारिज, कांगड़ा में सबसे ज्यादा आवेदन रिजेक्ट
➤ स्क्रूटनी के बाद 85,462 उम्मीदवारों के नामांकन सही पाए गए
➤ 15 मई दोपहर 3 बजे तक नाम वापस ले सकेंगे प्रत्याशी
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया पूरी हो गई है। स्टेट इलेक्शन कमीशन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार स्क्रूटनी के दौरान कुल 742 नामांकन पत्र रद्द कर दिए गए हैं। सबसे अधिक 254 नामांकन कांगड़ा जिला में खारिज हुए हैं, जबकि सबसे कम 3 नामांकन लाहौल-स्पीति में रिजेक्ट किए गए हैं। इसके बाद अब चुनावी मैदान में बचे प्रत्याशियों के बीच मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक पंचायत चुनावों के लिए कुल 86 हजार 204 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। इनमें से जांच के बाद 85 हजार 462 उम्मीदवारों के नामांकन वैध पाए गए हैं। अब उम्मीदवारों को नाम वापस लेने का अंतिम मौका 15 मई दोपहर 3 बजे तक दिया गया है। इसके बाद अंतिम सूची जारी होगी और प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे।

प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। गांव-गांव में चुनावी समीकरण बन रहे हैं और उम्मीदवार मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए सक्रिय हो गए हैं। इस बार पंचायत चुनावों में भारी संख्या में उम्मीदवार मैदान में उतरे हैं, जिससे कई पंचायतों में मुकाबला बेहद रोचक माना जा रहा है।
इन चुनावों में प्रदेश के करीब 50.80 लाख मतदाता अपने नए जनप्रतिनिधियों का चयन करेंगे। मतदाता पंचायत स्तर पर पांच अलग-अलग पदों के लिए वोट डालेंगे। इनमें प्रधान, उप प्रधान, वार्ड सदस्य, बीडीसी सदस्य और जिला परिषद सदस्य शामिल हैं। प्रत्येक वोटर पांच वोट डाल सकेगा।
राज्य में कुल 3,754 प्रधान, 3,754 उप प्रधान, 21,654 वार्ड सदस्य, 1,769 बीडीसी सदस्य और 251 जिला परिषद सदस्य चुने जाएंगे। वहीं कुल मिलाकर 31,214 पदों के लिए चुनाव प्रक्रिया आयोजित की जा रही है।
प्रदेश में पंचायत चुनाव तीन चरणों में संपन्न होंगे। मतदान 26 मई, 28 मई और 30 मई को सुबह 7 बजे से शाम 3 बजे तक कराया जाएगा। निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं।



